
500+ Badmashi Shayari In Hindi: Attitude, Royal & Dabang Shayari

हर किसी का अपना एक अलग अंदाज़ होता है, लेकिन जब बात आत्मविश्वास, स्वाभिमान और बेबाक तेवरों की हो, तो शब्द भी अपनी अलग पहचान बना लेते हैं।
Badmashi Shayari In Hindi उसी बेबाक अंदाज़ को शायरी में पेश करती है। यहाँ आपको royal attitude, self respect और अपनी शर्तों पर जीने वाले दिल की शायरियाँ मिलेंगी।
Badmashi Shayari

तेवर अपने हैं, इसलिए अंदाज़ भी अपना रखते हैं।
भीड़ में चलना नहीं आता, हम अपनी राह खुद चुनते हैं।
खामोशी हमारी आदत है, कमजोरी समझना भूल मत जाना।
हमारी पहचान आवाज़ से नहीं, अपने उसूलों से बनती है।

जिसे खुद पर भरोसा हो, उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं।
हम बदलते नहीं मौसम की तरह, बस वक्त को समझना सीखते हैं।
रुतबा दिखाने की जरूरत नहीं, नाम ही काफी है।
हमारे अंदाज़ की नकल आसान है, पहचान बनाना मुश्किल।

जो हमें समझ पाए, वही हमारे करीब रह पाएगा।
हम बात कम करते हैं, लेकिन अपनी बात पर कायम रहते हैं।
दुनिया की भीड़ से अलग रहना ही हमारी पसंद है।
अपने उसूलों के आगे हम किसी का दबाव नहीं मानते।

वक्त सबका आता है, हमने बस इंतज़ार करना सीखा है।
आज खामोश हैं, इसका मतलब ये नहीं कि पहचान छोटी है।
दिल साफ रखते हैं, इसलिए हिसाब भी साफ रखते हैं।
हमारी पहचान दिखावे से नहीं, व्यवहार से होती है।

अंदाज़ शाही है, लेकिन पैर हमेशा जमीन पर रहते हैं।
हमारी कहानी किसी की नकल नहीं, अपने सफर का नाम है।
जो सम्मान देगा, उसे सम्मान मिलेगा; बाकी से दूरी बेहतर है।
हमारी दुनिया छोटी है, मगर उसमें दिखावा नहीं है।
Badmashi Shayari 2 Line

तेवर अपने हैं, इसलिए अंदाज़ भी अपना रखते हैं।
भीड़ में चलना नहीं आता, हम अपनी राह खुद चुनते हैं।
खामोशी हमारी आदत है, कमजोरी समझना भूल मत जाना।
हमारी पहचान आवाज़ से नहीं, अपने उसूलों से बनती है।

जिसे खुद पर भरोसा हो, उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं।
हम बदलते नहीं मौसम की तरह, बस वक्त को समझना सीखते हैं।
रुतबा दिखाने की जरूरत नहीं, नाम ही काफी है।
हमारे अंदाज़ की नकल आसान है, पहचान बनाना मुश्किल।

जो हमें समझ पाए, वही हमारे करीब रह पाएगा।
हम बात कम करते हैं, लेकिन अपनी बात पर कायम रहते हैं।
दुनिया की भीड़ से अलग रहना ही हमारी पसंद है।
अपने उसूलों के आगे हम किसी का दबाव नहीं मानते।

वक्त सबका आता है, हमने बस इंतज़ार करना सीखा है।
आज खामोश हैं, इसका मतलब ये नहीं कि पहचान छोटी है।
दिल साफ रखते हैं, इसलिए हिसाब भी साफ रखते हैं।
हमारी पहचान दिखावे से नहीं, व्यवहार से होती है।

अंदाज़ शाही है, लेकिन पैर हमेशा जमीन पर रहते हैं।
हमारी कहानी किसी की नकल नहीं, अपने सफर का नाम है।
Badmashi Shayari In Hindi

जो सम्मान देगा, उसे सम्मान मिलेगा; बाकी से दूरी बेहतर है।
हमारी दुनिया छोटी है, मगर उसमें दिखावा नहीं है।
तेवर अपने हैं, इसलिए अंदाज़ भी अपना रखते हैं।
भीड़ में चलना नहीं आता, हम अपनी राह खुद चुनते हैं।

खामोशी हमारी आदत है, कमजोरी समझना भूल मत जाना।
हमारी पहचान आवाज़ से नहीं, अपने उसूलों से बनती है।
जिसे खुद पर भरोसा हो, उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं।
हम बदलते नहीं मौसम की तरह, बस वक्त को समझना सीखते हैं।

रुतबा दिखाने की जरूरत नहीं, नाम ही काफी है।
हमारे अंदाज़ की नकल आसान है, पहचान बनाना मुश्किल।
जो हमें समझ पाए, वही हमारे करीब रह पाएगा।
हम बात कम करते हैं, लेकिन अपनी बात पर कायम रहते हैं।

दुनिया की भीड़ से अलग रहना ही हमारी पसंद है।
अपने उसूलों के आगे हम किसी का दबाव नहीं मानते।
वक्त सबका आता है, हमने बस इंतज़ार करना सीखा है।
आज खामोश हैं, इसका मतलब ये नहीं कि पहचान छोटी है।

दिल साफ रखते हैं, इसलिए हिसाब भी साफ रखते हैं।
हमारी पहचान दिखावे से नहीं, व्यवहार से होती है।
Shayari Badmashi

अंदाज़ शाही है, लेकिन पैर हमेशा जमीन पर रहते हैं।
हमारी कहानी किसी की नकल नहीं, अपने सफर का नाम है।
जो सम्मान देगा, उसे सम्मान मिलेगा; बाकी से दूरी बेहतर है।
हमारी दुनिया छोटी है, मगर उसमें दिखावा नहीं है।

तेवर अपने हैं, इसलिए अंदाज़ भी अपना रखते हैं।
भीड़ में चलना नहीं आता, हम अपनी राह खुद चुनते हैं।
खामोशी हमारी आदत है, कमजोरी समझना भूल मत जाना।
हमारी पहचान आवाज़ से नहीं, अपने उसूलों से बनती है।

जिसे खुद पर भरोसा हो, उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं।
हम बदलते नहीं मौसम की तरह, बस वक्त को समझना सीखते हैं।
रुतबा दिखाने की जरूरत नहीं, नाम ही काफी है।
हमारे अंदाज़ की नकल आसान है, पहचान बनाना मुश्किल।

जो हमें समझ पाए, वही हमारे करीब रह पाएगा।
हम बात कम करते हैं, लेकिन अपनी बात पर कायम रहते हैं।
दुनिया की भीड़ से अलग रहना ही हमारी पसंद है।
अपने उसूलों के आगे हम किसी का दबाव नहीं मानते।

वक्त सबका आता है, हमने बस इंतज़ार करना सीखा है।
आज खामोश हैं, इसका मतलब ये नहीं कि पहचान छोटी है।
Badmashi Shayari Hindi

दिल साफ रखते हैं, इसलिए हिसाब भी साफ रखते हैं।
हमारी पहचान दिखावे से नहीं, व्यवहार से होती है।
अंदाज़ शाही है, लेकिन पैर हमेशा जमीन पर रहते हैं।
हमारी कहानी किसी की नकल नहीं, अपने सफर का नाम है।

जो सम्मान देगा, उसे सम्मान मिलेगा; बाकी से दूरी बेहतर है।
हमारी दुनिया छोटी है, मगर उसमें दिखावा नहीं है।

तेवर अपने हैं, इसलिए अंदाज़ भी अपना रखते हैं।
भीड़ में चलना नहीं आता, हम अपनी राह खुद चुनते हैं।
खामोशी हमारी आदत है, कमजोरी समझना भूल मत जाना।
हमारी पहचान आवाज़ से नहीं, अपने उसूलों से बनती है।

जिसे खुद पर भरोसा हो, उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं।
हम बदलते नहीं मौसम की तरह, बस वक्त को समझना सीखते हैं।

रुतबा दिखाने की जरूरत नहीं, नाम ही काफी है।
हमारे अंदाज़ की नकल आसान है, पहचान बनाना मुश्किल।
जो हमें समझ पाए, वही हमारे करीब रह पाएगा।
हम बात कम करते हैं, लेकिन अपनी बात पर कायम रहते हैं।
Attitude Badmashi Shayari

दुनिया की भीड़ से अलग रहना ही हमारी पसंद है।
अपने उसूलों के आगे हम किसी का दबाव नहीं मानते।
वक्त सबका आता है, हमने बस इंतज़ार करना सीखा है।
आज खामोश हैं, इसका मतलब ये नहीं कि पहचान छोटी है।

दिल साफ रखते हैं, इसलिए हिसाब भी साफ रखते हैं।
हमारी पहचान दिखावे से नहीं, व्यवहार से होती है।

अंदाज़ शाही है, लेकिन पैर हमेशा जमीन पर रहते हैं।
हमारी कहानी किसी की नकल नहीं, अपने सफर का नाम है।
जो सम्मान देगा, उसे सम्मान मिलेगा; बाकी से दूरी बेहतर है।
हमारी दुनिया छोटी है, मगर उसमें दिखावा नहीं है।

तेवर अपने हैं, इसलिए अंदाज़ भी अपना रखते हैं।
भीड़ में चलना नहीं आता, हम अपनी राह खुद चुनते हैं।

खामोशी हमारी आदत है, कमजोरी समझना भूल मत जाना।
हमारी पहचान आवाज़ से नहीं, अपने उसूलों से बनती है।
जिसे खुद पर भरोसा हो, उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं।
हम बदलते नहीं मौसम की तरह, बस वक्त को समझना सीखते हैं।
Badmashi Sher Shayari

रुतबा दिखाने की जरूरत नहीं, नाम ही काफी है।
हमारे अंदाज़ की नकल आसान है, पहचान बनाना मुश्किल।
जो हमें समझ पाए, वही हमारे करीब रह पाएगा।
हम बात कम करते हैं, लेकिन अपनी बात पर कायम रहते हैं।

दुनिया की भीड़ से अलग रहना ही हमारी पसंद है।
अपने उसूलों के आगे हम किसी का दबाव नहीं मानते।
वक्त सबका आता है, हमने बस इंतज़ार करना सीखा है।
आज खामोश हैं, इसका मतलब ये नहीं कि पहचान छोटी है।

दिल साफ रखते हैं, इसलिए हिसाब भी साफ रखते हैं।
हमारी पहचान दिखावे से नहीं, व्यवहार से होती है।

अंदाज़ शाही है, लेकिन पैर हमेशा जमीन पर रहते हैं।
हमारी कहानी किसी की नकल नहीं, अपने सफर का नाम है।
जो सम्मान देगा, उसे सम्मान मिलेगा; बाकी से दूरी बेहतर है।
हमारी दुनिया छोटी है, मगर उसमें दिखावा नहीं है।

तेवर अपने हैं, इसलिए अंदाज़ भी अपना रखते हैं।
भीड़ में चलना नहीं आता, हम अपनी राह खुद चुनते हैं।
खामोशी हमारी आदत है, कमजोरी समझना भूल मत जाना।
हमारी पहचान आवाज़ से नहीं, अपने उसूलों से बनती है।
Badmashi Shayari Dosti

जिसे खुद पर भरोसा हो, उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं।
हम बदलते नहीं मौसम की तरह, बस वक्त को समझना सीखते हैं।
रुतबा दिखाने की जरूरत नहीं, नाम ही काफी है।
हमारे अंदाज़ की नकल आसान है, पहचान बनाना मुश्किल।

जो हमें समझ पाए, वही हमारे करीब रह पाएगा।
हम बात कम करते हैं, लेकिन अपनी बात पर कायम रहते हैं।
दुनिया की भीड़ से अलग रहना ही हमारी पसंद है।
अपने उसूलों के आगे हम किसी का दबाव नहीं मानते।

वक्त सबका आता है, हमने बस इंतज़ार करना सीखा है।
आज खामोश हैं, इसका मतलब ये नहीं कि पहचान छोटी है।
दिल साफ रखते हैं, इसलिए हिसाब भी साफ रखते हैं।
हमारी पहचान दिखावे से नहीं, व्यवहार से होती है।

अंदाज़ शाही है, लेकिन पैर हमेशा जमीन पर रहते हैं।
हमारी कहानी किसी की नकल नहीं, अपने सफर का नाम है।
जो सम्मान देगा, उसे सम्मान मिलेगा; बाकी से दूरी बेहतर है।
हमारी दुनिया छोटी है, मगर उसमें दिखावा नहीं है।

तेवर अपने हैं, इसलिए अंदाज़ भी अपना रखते हैं।
भीड़ में चलना नहीं आता, हम अपनी राह खुद चुनते हैं।
Badmashi Shayari Photo

खामोशी हमारी आदत है, कमजोरी समझना भूल मत जाना।
हमारी पहचान आवाज़ से नहीं, अपने उसूलों से बनती है।
जिसे खुद पर भरोसा हो, उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं।
हम बदलते नहीं मौसम की तरह, बस वक्त को समझना सीखते हैं।

रुतबा दिखाने की जरूरत नहीं, नाम ही काफी है।
हमारे अंदाज़ की नकल आसान है, पहचान बनाना मुश्किल।
जो हमें समझ पाए, वही हमारे करीब रह पाएगा।
हम बात कम करते हैं, लेकिन अपनी बात पर कायम रहते हैं।

दुनिया की भीड़ से अलग रहना ही हमारी पसंद है।
अपने उसूलों के आगे हम किसी का दबाव नहीं मानते।
वक्त सबका आता है, हमने बस इंतज़ार करना सीखा है।
आज खामोश हैं, इसका मतलब ये नहीं कि पहचान छोटी है।

दिल साफ रखते हैं, इसलिए हिसाब भी साफ रखते हैं।
हमारी पहचान दिखावे से नहीं, व्यवहार से होती है।

अंदाज़ शाही है, लेकिन पैर हमेशा जमीन पर रहते हैं।
हमारी कहानी किसी की नकल नहीं, अपने सफर का नाम है।
जो सम्मान देगा, उसे सम्मान मिलेगा; बाकी से दूरी बेहतर है।
हमारी दुनिया छोटी है, मगर उसमें दिखावा नहीं है।
Shayari Badmashi Hindi

तेवर अपने हैं, इसलिए अंदाज़ भी अपना रखते हैं।
भीड़ में चलना नहीं आता, हम अपनी राह खुद चुनते हैं।
खामोशी हमारी आदत है, कमजोरी समझना भूल मत जाना।
हमारी पहचान आवाज़ से नहीं, अपने उसूलों से बनती है।

जिसे खुद पर भरोसा हो, उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं।
हम बदलते नहीं मौसम की तरह, बस वक्त को समझना सीखते हैं।

रुतबा दिखाने की जरूरत नहीं, नाम ही काफी है।
हमारे अंदाज़ की नकल आसान है, पहचान बनाना मुश्किल।
जो हमें समझ पाए, वही हमारे करीब रह पाएगा।
हम बात कम करते हैं, लेकिन अपनी बात पर कायम रहते हैं।

दुनिया की भीड़ से अलग रहना ही हमारी पसंद है।
अपने उसूलों के आगे हम किसी का दबाव नहीं मानते।

वक्त सबका आता है, हमने बस इंतज़ार करना सीखा है।
आज खामोश हैं, इसका मतलब ये नहीं कि पहचान छोटी है।
दिल साफ रखते हैं, इसलिए हिसाब भी साफ रखते हैं।
हमारी पहचान दिखावे से नहीं, व्यवहार से होती है।
Shayari In Badmashi

अंदाज़ शाही है, लेकिन पैर हमेशा जमीन पर रहते हैं।
हमारी कहानी किसी की नकल नहीं, अपने सफर का नाम है।
जो सम्मान देगा, उसे सम्मान मिलेगा; बाकी से दूरी बेहतर है।
हमारी दुनिया छोटी है, मगर उसमें दिखावा नहीं है।

तेवर अपने हैं, इसलिए अंदाज़ भी अपना रखते हैं।
भीड़ में चलना नहीं आता, हम अपनी राह खुद चुनते हैं।
खामोशी हमारी आदत है, कमजोरी समझना भूल मत जाना।
हमारी पहचान आवाज़ से नहीं, अपने उसूलों से बनती है।

जिसे खुद पर भरोसा हो, उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं।
हम बदलते नहीं मौसम की तरह, बस वक्त को समझना सीखते हैं।
रुतबा दिखाने की जरूरत नहीं, नाम ही काफी है।
हमारे अंदाज़ की नकल आसान है, पहचान बनाना मुश्किल।

जो हमें समझ पाए, वही हमारे करीब रह पाएगा।
हम बात कम करते हैं, लेकिन अपनी बात पर कायम रहते हैं।
दुनिया की भीड़ से अलग रहना ही हमारी पसंद है।
अपने उसूलों के आगे हम किसी का दबाव नहीं मानते।

वक्त सबका आता है, हमने बस इंतज़ार करना सीखा है।
आज खामोश हैं, इसका मतलब ये नहीं कि पहचान छोटी है।
दिल साफ रखते हैं, इसलिए हिसाब भी साफ रखते हैं।
हमारी पहचान दिखावे से नहीं, व्यवहार से होती है।
Badmashi Shayari New

अंदाज़ शाही है, लेकिन पैर हमेशा जमीन पर रहते हैं।
हमारी कहानी किसी की नकल नहीं, अपने सफर का नाम है।
जो सम्मान देगा, उसे सम्मान मिलेगा; बाकी से दूरी बेहतर है।
हमारी दुनिया छोटी है, मगर उसमें दिखावा नहीं है।

तेवर अपने हैं, इसलिए अंदाज़ भी अपना रखते हैं।
भीड़ में चलना नहीं आता, हम अपनी राह खुद चुनते हैं।
खामोशी हमारी आदत है, कमजोरी समझना भूल मत जाना।
हमारी पहचान आवाज़ से नहीं, अपने उसूलों से बनती है।

जिसे खुद पर भरोसा हो, उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं।
हम बदलते नहीं मौसम की तरह, बस वक्त को समझना सीखते हैं।
रुतबा दिखाने की जरूरत नहीं, नाम ही काफी है।
हमारे अंदाज़ की नकल आसान है, पहचान बनाना मुश्किल।

जो हमें समझ पाए, वही हमारे करीब रह पाएगा।
हम बात कम करते हैं, लेकिन अपनी बात पर कायम रहते हैं।
दुनिया की भीड़ से अलग रहना ही हमारी पसंद है।
अपने उसूलों के आगे हम किसी का दबाव नहीं मानते।

वक्त सबका आता है, हमने बस इंतज़ार करना सीखा है।
आज खामोश हैं, इसका मतलब ये नहीं कि पहचान छोटी है।
दिल साफ रखते हैं, इसलिए हिसाब भी साफ रखते हैं।
हमारी पहचान दिखावे से नहीं, व्यवहार से होती है।
Badmashi Shayari Hindi Me

अंदाज़ शाही है, लेकिन पैर हमेशा जमीन पर रहते हैं।
हमारी कहानी किसी की नकल नहीं, अपने सफर का नाम है।
जो सम्मान देगा, उसे सम्मान मिलेगा; बाकी से दूरी बेहतर है।
हमारी दुनिया छोटी है, मगर उसमें दिखावा नहीं है।

तेवर अपने हैं, इसलिए अंदाज़ भी अपना रखते हैं।
भीड़ में चलना नहीं आता, हम अपनी राह खुद चुनते हैं।
खामोशी हमारी आदत है, कमजोरी समझना भूल मत जाना।
हमारी पहचान आवाज़ से नहीं, अपने उसूलों से बनती है।

जिसे खुद पर भरोसा हो, उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं।
हम बदलते नहीं मौसम की तरह, बस वक्त को समझना सीखते हैं।
रुतबा दिखाने की जरूरत नहीं, नाम ही काफी है।
हमारे अंदाज़ की नकल आसान है, पहचान बनाना मुश्किल।

जो हमें समझ पाए, वही हमारे करीब रह पाएगा।
हम बात कम करते हैं, लेकिन अपनी बात पर कायम रहते हैं।
दुनिया की भीड़ से अलग रहना ही हमारी पसंद है।
अपने उसूलों के आगे हम किसी का दबाव नहीं मानते।

वक्त सबका आता है, हमने बस इंतज़ार करना सीखा है।
आज खामोश हैं, इसका मतलब ये नहीं कि पहचान छोटी है।
दिल साफ रखते हैं, इसलिए हिसाब भी साफ रखते हैं।
हमारी पहचान दिखावे से नहीं, व्यवहार से होती है।
Badmashi Shayari In English

अंदाज़ शाही है, लेकिन पैर हमेशा जमीन पर रहते हैं।
हमारी कहानी किसी की नकल नहीं, अपने सफर का नाम है।
जो सम्मान देगा, उसे सम्मान मिलेगा; बाकी से दूरी बेहतर है।
हमारी दुनिया छोटी है, मगर उसमें दिखावा नहीं है।

तेवर अपने हैं, इसलिए अंदाज़ भी अपना रखते हैं।
भीड़ में चलना नहीं आता, हम अपनी राह खुद चुनते हैं।
खामोशी हमारी आदत है, कमजोरी समझना भूल मत जाना।
हमारी पहचान आवाज़ से नहीं, अपने उसूलों से बनती है।

जिसे खुद पर भरोसा हो, उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं।
हम बदलते नहीं मौसम की तरह, बस वक्त को समझना सीखते हैं।
रुतबा दिखाने की जरूरत नहीं, नाम ही काफी है।
हमारे अंदाज़ की नकल आसान है, पहचान बनाना मुश्किल।

जो हमें समझ पाए, वही हमारे करीब रह पाएगा।
हम बात कम करते हैं, लेकिन अपनी बात पर कायम रहते हैं।
दुनिया की भीड़ से अलग रहना ही हमारी पसंद है।
अपने उसूलों के आगे हम किसी का दबाव नहीं मानते।

वक्त सबका आता है, हमने बस इंतज़ार करना सीखा है।
आज खामोश हैं, इसका मतलब ये नहीं कि पहचान छोटी है।
दिल साफ रखते हैं, इसलिए हिसाब भी साफ रखते हैं।
हमारी पहचान दिखावे से नहीं, व्यवहार से होती है।
Badmashi Shayari English

अंदाज़ शाही है, लेकिन पैर हमेशा जमीन पर रहते हैं।
हमारी कहानी किसी की नकल नहीं, अपने सफर का नाम है।
जो सम्मान देगा, उसे सम्मान मिलेगा; बाकी से दूरी बेहतर है।
हमारी दुनिया छोटी है, मगर उसमें दिखावा नहीं है।

तेवर अपने हैं, इसलिए अंदाज़ भी अपना रखते हैं।
भीड़ में चलना नहीं आता, हम अपनी राह खुद चुनते हैं।
खामोशी हमारी आदत है, कमजोरी समझना भूल मत जाना।
हमारी पहचान आवाज़ से नहीं, अपने उसूलों से बनती है।

जिसे खुद पर भरोसा हो, उसे किसी सहारे की जरूरत नहीं।
हम बदलते नहीं मौसम की तरह, बस वक्त को समझना सीखते हैं।
रुतबा दिखाने की जरूरत नहीं, नाम ही काफी है।
हमारे अंदाज़ की नकल आसान है, पहचान बनाना मुश्किल।

जो हमें समझ पाए, वही हमारे करीब रह पाएगा।
हम बात कम करते हैं, लेकिन अपनी बात पर कायम रहते हैं।
दुनिया की भीड़ से अलग रहना ही हमारी पसंद है।
अपने उसूलों के आगे हम किसी का दबाव नहीं मानते।

वक्त सबका आता है, हमने बस इंतज़ार करना सीखा है।
आज खामोश हैं, इसका मतलब ये नहीं कि पहचान छोटी है।
दिल साफ रखते हैं, इसलिए हिसाब भी साफ रखते हैं।
हमारी पहचान दिखावे से नहीं, व्यवहार से होती है।
अंतिम शब्द:
अंदाज़ शाही है, लेकिन पैर हमेशा जमीन पर रहते हैं।
हमारी कहानी किसी की नकल नहीं, अपने सफर का नाम है।
जो सम्मान देगा, उसे सम्मान मिलेगा; बाकी से दूरी बेहतर है।
हमारी दुनिया छोटी है, मगर उसमें दिखावा नहीं है।
तेवर अपने हैं, इसलिए अंदाज़ भी अपना रखते हैं।
भीड़ में चलना नहीं आता, हम अपनी राह खुद चुनते हैं।
खामोशी हमारी आदत है, कमजोरी समझना भूल मत जाना।
हमारी पहचान आवाज़ से नहीं, अपने उसूलों से बनती है।
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